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भागवत गीता

{◆π◆}                     *Ⓜ कर्म - भोग Ⓜ* Ⓜ पूर्व जन्मों के कर्मों से ही हमें इस जन्म में माता - पिता , भाई - बहन , पति - पत्नि , प्रेमी - प्रेमिका , मित्र - शत्रु , सगे - सम्बन्धी इत्यादि संसार के जितने भी रिश्ते नाते हैं , सब मिलते हैं । क्योंकि इन सबको हमें या तो कुछ देना होता है या इनसे कुछ लेना होता है ।     Ⓜ *सन्तान के रुप में कौन आता है ?* Ⓜ वेसे ही सन्तान के रुप में हमारा कोई पूर्वजन्म का 'सम्बन्धी' ही आकर जन्म लेता है । जिसे शास्त्रों में चार प्रकार से बताया गया है -- Ⓜ *ऋणानुबन्ध :-* पूर्व जन्म का कोई ऐसा जीव जिससे आपने ऋण लिया हो या उसका किसी भी प्रकार से धन नष्ट किया हो , वह आपके घर में सन्तान बनकर जन्म लेगा और आपका धन बीमारी में या व्यर्थ के कार्यों में तब तक नष्ट करेगा , जब तक उसका हिसाब पूरा ना हो जाये । Ⓜ *शत्रु पुत्र :-* पूर्व जन्म का कोई दुश्मन आपसे बदला लेने के लिये आपके घर में सन्तान बनकर आयेगा और बड़ा होने पर माता - पिता से मारपीट , झगड़ा या उन्हें सारी जिन्दगी किसी भी प्रकार से सताता ही रहेगा । ...

Jai shree ram

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आज पूरी रेलवे बंद पड़ी है और इनकम शून्य है लेकिन कर्मचारियों को सैलेरी पूरी...  देश के करोड़ों पेंशन धारी को पेंशन पूरी....  सरकारी रोडवेज की बसे बंद है पर सेलेरी पूरी....  लाखों कोरोना मरीजों का इलाज और जांच फ्री.... गरीबों को राशन मुफ्त या कंट्रोल से कम दामों पर....   सरकार के सारे इनकम सोर्स बंद... व्यापार का टैक्स अभी लगभग बंद... ऐसी आपदा के समय में चीन और पाकिस्तान के साथ युद्ध के मोर्चे खुल गये है..... अगर युद्ध हुआ तो पैसा क्या बहुत कुछ बलिदान करना पड़ेगा।  मां बताती है कि ऐसे ही समय में एक बार देश के लिए माँ-बहनों ने अपने गहनों का दान दिया था।  पर आज की पीढ़ी देश के प्रति निष्ठा और कर्तव्य क्यों नहीं देख पा रही है..? पैसा कहां से आएगा..? सरकार ने पेट्रोल ओर डीजल पर अगर टैक्स बड़ा भी दिया तो क्या गलत कर दिया। आज के हालात में मुस्किल से महीने भर में पेट्रोल पर 500 से 600 रू का अतिरिक्त खर्चा आएगा। पर हम चिल्ला रहे हैं जिससे देशद्रोही, टुकड़े टुकड़े गैंग, भृष्ट राजनीतिज्ञों, अराजकता व अशांति फैलाने वाले लोगों के राजनीतिक एजेंडे को बल मिल ग...